चूरू से शुरू हुआ ‘गेस पेपर’ घोटाला: कैसे प्रभावित हुई NEET-UG 2026, जांच में बड़ा खुलासा

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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कथित ‘गेस पेपर’ लीक और उसके व्यापक प्रसार के बाद परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।


चूरू से शुरू हुआ संदिग्ध ‘गेस पेपर’

जांच के अनुसार मामला राजस्थान के चूरू से जुड़ा है, जहां से कथित तौर पर एक हाथ से लिखा गया “गेस पेपर” तैयार किया गया।

  • इसमें करीब 410 प्रश्न शामिल थे
  • दावा है कि इनमें से 100+ सवाल परीक्षा में समान पाए गए
  • यह दस्तावेज कोचिंग नेटवर्क और WhatsApp ग्रुप्स के जरिए तेजी से फैला

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के अनुसार यह पेपर परीक्षा से 15 से 30 दिन पहले ही छात्रों तक पहुंचने लगा था।


पेपर कैसे पहुंचा छात्रों तक?

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क धीरे-धीरे कई राज्यों तक फैल गया।

  • चूरू का एक MBBS छात्र इस दस्तावेज से जुड़ा बताया जा रहा है
  • उसने कथित तौर पर यह सामग्री 1 मई को सीकर में भेजी
  • इसके बाद यह कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल नेटवर्क के जरिए फैल गया
  • चैट रिकॉर्ड्स में “forwarded many times” जैसे संकेत मिले हैं

कीमत और अवैध नेटवर्क का खुलासा

पुलिस सूत्रों के अनुसार:

  • शुरुआत में यह सामग्री ₹5 लाख तक में बेची गई
  • परीक्षा के ठीक पहले इसकी कीमत घटकर ₹30 हजार तक आ गई
  • परीक्षा से लगभग 42 घंटे पहले यह नेटवर्क काफी सक्रिय हो चुका था

अब तक राजस्थान और उत्तराखंड से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई है।


परीक्षा में सवालों की समानता पर सवाल

जांच एजेंसियों का दावा है कि:

  • बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन में बड़ी समानता पाई गई
  • लगभग 120 सवाल कथित रूप से मिलते-जुलते थे
  • इससे परीक्षा के 720 अंकों में से बड़े हिस्से पर असर पड़ने की आशंका जताई गई

हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।


देश की सबसे बड़ी परीक्षा पर असर

NEET-UG 2026 मेडिकल कोर्सेज जैसे MBBS, BDS, BAMS, BHMS और BUMS में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

  • परीक्षा 3 मई को पेन-एंड-पेपर मोड में हुई
  • 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित
  • लगभग 22.79 लाख छात्रों ने भाग लिया

अब इस पूरे मामले ने परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।